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Bhopal Ganesh Visarjan 2026: 18 सितंबर से विसर्जन, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी !

Bhopal Ganesh Visarjan 2026: भोपाल में गणेश उत्सव का रंग अब धीरे-धीरे विसर्जन की ओर बढ़ रहा है। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हुआ गणेशोत्सव अब अलग-अलग दिनों में होने वाले गणेश विसर्जन के साथ आगे बढ़ रहा है। इस वर्ष कई घरों और सार्वजनिक पंडालों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन 5वें, 7वें, 10वें और अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर किया जाएगा।

भोपाल के लिए गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026 को थी, जबकि अनंत चतुर्दशी और मुख्य गणेश विसर्जन 25 सितंबर 2026 को होगा।

18 सितंबर से बढ़ेगी विसर्जन की गतिविधि

गणेश प्रतिमा का विसर्जन केवल अनंत चतुर्दशी के दिन ही नहीं होता। परंपरा के अनुसार श्रद्धालु अपनी सुविधा और स्थापित प्रतिमा की परंपरा के अनुसार डेढ़ दिन, 3 दिन, 5 दिन, 7 दिन, 10 दिन या अनंत चतुर्दशी पर भी विसर्जन करते हैं।

2026 में 5वें दिन का गणेश विसर्जन 18 सितंबर, जबकि 7वें दिन का विसर्जन 20 सितंबर को होगा। इसके बाद 10वें और 11वें दिन भी कई प्रतिमाओं का विसर्जन होगा। अंतिम और सबसे प्रमुख विसर्जन दिवस 25 सितंबर, अनंत चतुर्दशी रहेगा।

Ganesh Visarjan 2026 की प्रमुख तारीखें

विसर्जनतारीख
डेढ़ दिन का विसर्जन15 सितंबर 2026
3 दिन का विसर्जन16 सितंबर 2026
5 दिन का विसर्जन18 सितंबर 2026
7 दिन का विसर्जन20 सितंबर 2026
10 दिन का विसर्जन23 सितंबर 2026
11 दिन का विसर्जन24 सितंबर 2026
अनंत चतुर्दशी25 सितंबर 2026

Bhopal में विसर्जन व्यवस्था क्यों चर्चा में है?

इस वर्ष भोपाल में गणेश विसर्जन को लेकर सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा वैकल्पिक और स्थायी विसर्जन कुंडों की तैयारी है।

हालिया रिपोर्ट के अनुसार भोपाल नगर निगम ने जलस्रोतों में प्रतिमा विसर्जन को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए कई नए घाट और कुंड विकसित करने की योजना बनाई थी। लेकिन गणेश उत्सव शुरू होने तक अधिकांश प्रस्तावित स्थल तैयार नहीं हो पाए हैं।

नौ वैकल्पिक विसर्जन स्थलों की योजना पर काम किया गया था, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार इनमें से अधिकांश स्थानों पर इस वर्ष गणेश विसर्जन के लिए व्यवस्था तैयार नहीं हो सकी। मालीखेड़ी में काम लगभग पूरा होने के बावजूद इस साल वहां विसर्जन नहीं हो सकेगा।

25 करोड़ रुपये से अधिक की योजना, फिर भी कई घाट अधूरे

भोपाल में स्थायी विसर्जन कुंडों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार पांच स्थानों पर स्थायी विसर्जन कुंडों के लिए ₹25.08 करोड़ से अधिक की राशि मंजूर की गई थी।

इनमें मालीखेड़ी के अलावा अन्य प्रस्तावित स्थानों पर काम पूरा नहीं होने की जानकारी सामने आई है। इस वजह से इस साल भी पुराने घाटों और उपलब्ध वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भरता बनी हुई है।

यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान जलस्रोतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

तालाबों और बड़े जलस्रोतों को लेकर पर्यावरण की चिंता

गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान प्लास्टर, रंग, सजावटी सामग्री और अन्य सामग्री जलस्रोतों में पहुंचने की आशंका रहती है। इसी वजह से पर्यावरण संरक्षण के लिए artificial immersion ponds या designated immersion facilities को बढ़ावा दिया जाता है।

भोपाल में भी जलस्रोतों को प्रतिमा विसर्जन के संभावित प्रभाव से बचाने के लिए अलग-अलग विसर्जन व्यवस्थाओं की जरूरत पर जोर दिया जाता रहा है।

हालिया रिपोर्ट में पर्यावरण विशेषज्ञों ने भोपाल में बड़ी संख्या में अलग विसर्जन कुंड विकसित करने की जरूरत बताई है, ताकि प्राकृतिक जलस्रोतों पर दबाव कम किया जा सके।

Bhopal Ganesh Utsav में Eco-Friendly पहल पर भी जोर

इस साल भोपाल में गणेश उत्सव के दौरान केवल पंडालों की सजावट ही चर्चा में नहीं है। Eco-friendly और Zero Waste celebration पर भी जोर दिया जा रहा है।

भोपाल नगर निगम ने गणेश पंडालों के बीच स्वच्छता और पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए assessment की घोषणा की है। इसके तहत ऐसे पंडालों को प्रोत्साहित किया जा रहा है जहां waste management, eco-friendly decoration और cleanliness पर ध्यान दिया गया हो।

इस पहल का उद्देश्य यह है कि गणेश उत्सव के दौरान धार्मिक आयोजन के साथ शहर की स्वच्छता और पर्यावरण को लेकर भी जागरूकता बढ़े।

Bhopal Ke Raja से लेकर themed pandals तक रहा आकर्षण

2026 के गणेश उत्सव में भोपाल के कई पंडालों ने अपनी अलग themes के कारण लोगों का ध्यान खींचा है।

Peepal Chowk का Bhopal Ke Raja इस वर्ष 80 साल की परंपरा के कारण खास चर्चा में है। वहीं New Market में Dagdusheth Ganpati Temple replica और Sindhi Colony में Simhastha theme जैसे पंडाल भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र हैं।

Indrapuri में Kantara-inspired Ganesh pandal में भगवान गणेश के साथ Guliga और Panjurli Devta को भी theme का हिस्सा बनाया गया है।

ऐसे themed pandals के कारण गणेश उत्सव में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ कला, decoration और cultural presentation भी देखने को मिल रही है।

विसर्जन के दौरान श्रद्धालु रखें इन बातों का ध्यान

गणेश विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और वाहन सड़कों पर निकलते हैं। ऐसे में कुछ सामान्य सावधानियां रखना जरूरी है।

भीड़ वाले स्थानों पर बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें।

पंडाल और विसर्जन स्थल के आसपास कचरा न फैलाएं।

प्रतिमा विसर्जन के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान का ही इस्तेमाल करें।

जलस्रोतों में प्लास्टिक, सजावटी सामग्री और अन्य गैर-जरूरी सामान न डालें।

विसर्जन जुलूस के दौरान traffic police की advisory और route restrictions का पालन करें।

बड़े जुलूस में वाहन ले जाने से पहले parking व्यवस्था की जानकारी जरूर देखें।

घर पर गणेश विसर्जन करने वालों के लिए Eco-Friendly विकल्प

छोटी घरेलू गणेश प्रतिमाओं के लिए कई परिवार घर पर ही विसर्जन का विकल्प चुनते हैं। विशेष रूप से मिट्टी की प्रतिमाओं के मामले में घर पर एक अलग पात्र में विसर्जन कर उस मिट्टी का उपयोग पौधों में करने जैसी पर्यावरण-अनुकूल प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

हालांकि सार्वजनिक पंडालों की बड़ी प्रतिमाओं के लिए श्रद्धालुओं को स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित विसर्जन व्यवस्था का ही पालन करना चाहिए।

25 सितंबर को रहेगा सबसे बड़ा माहौल

गणेश उत्सव का अंतिम और सबसे प्रमुख चरण 25 सितंबर 2026, अनंत चतुर्दशी को रहेगा।

इस दिन बड़ी सार्वजनिक गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन जुलूस निकलने की संभावना है। पुराने शहर से लेकर नए भोपाल के कई क्षेत्रों में शाम के समय धार्मिक जुलूस और गणपति विसर्जन कार्यक्रम देखने को मिल सकते हैं।

शहर में भीड़ और traffic को देखते हुए विसर्जन वाले दिन घर से निकलने से पहले स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की ताजा advisory देखना उपयोगी रहेगा।

Bhopal Ganesh Visarjan 2026: एक नजर में

जानकारीविवरण
गणेश चतुर्थी14 सितंबर 2026
5वें दिन विसर्जन18 सितंबर
7वें दिन विसर्जन20 सितंबर
10वें दिन विसर्जन23 सितंबर
11वें दिन विसर्जन24 सितंबर
अनंत चतुर्दशी25 सितंबर 2026
मुख्य मुद्दाविसर्जन कुंड और पर्यावरण
Eco-Friendly पहलBMC द्वारा पंडाल assessment
प्रमुख आकर्षणBhopal Ke Raja और themed pandals

निष्कर्ष

Bhopal Ganesh Visarjan 2026 इस साल धार्मिक आयोजन के साथ-साथ environmental management के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। 18 सितंबर से 5वें दिन के विसर्जन के साथ गतिविधियां बढ़ेंगी और 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर सबसे बड़े विसर्जन आयोजनों का चरण आएगा।

एक तरफ शहर में Bhopal Ke Raja और अलग-अलग themed pandals गणेश उत्सव का आकर्षण बढ़ा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विसर्जन कुंडों की उपलब्धता और प्राकृतिक जलस्रोतों की सुरक्षा महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं।

इसलिए इस साल “भक्ति के साथ स्वच्छता और पर्यावरण” का संदेश Bhopal Ganesh Utsav का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।

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