भोपाल: भोपाल विकास योजना-2047 का ड्राफ्ट जारी होने के एक दिन बाद ही इसमें कुछ महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने Gazette notification में सामने आई गलतियों को ठीक करने के लिए दो corrigendum जारी किए हैं।
इनमें मुख्य रूप से Green TDR और Commercial Mixed Use Centre (CMU) से जुड़े प्रावधानों को सुधारा गया है। वहीं, अपने मकान के निर्माण से जुड़े FAR नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
Green TDR के नियम में क्या सुधारा गया?
Bhopal Development Plan 2047 के Clause 15.5 के General Regulations में Green TDR से जुड़ी एक provision में typographical error था।
अब corrected provision के अनुसार, संबंधित land-use area में किसी implementing agency द्वारा project के जरिए land develop किए जाने पर project में शामिल जमीन के area के दोगुने के बराबर Development Control Regulations (DCR) certificate Green TDR के तहत जारी किया जाएगा।
सरल भाषा में समझें तो Green TDR का उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों में development rights से जुड़ी व्यवस्था बनाना है जहां green zones और environmental protection को ध्यान में रखा गया है।
अपने मकान के FAR में बदलाव नहीं
Corrigendum के बाद एक महत्वपूर्ण बात यह है कि own housing के लिए प्रस्तावित FAR में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
ड्राफ्ट में अपने मकान के निर्माण के लिए ये प्रमुख planning provisions बताए गए हैं:
| नियम | प्रस्तावित प्रावधान |
|---|---|
| न्यूनतम Plot Area | 500 वर्ग मीटर |
| Access Road | 9 मीटर |
| Open Area | 14% |
| Maximum Building Height | 10 मीटर |
| Maximum Ground Coverage | 25% |
| Base FAR | 0.50 |
| Maximum FAR | 1.25 |
ये provisions corrigendum के बाद भी उसी तरह बने हुए हैं।
FAR को आसान भाषा में समझें
FAR यानी Floor Area Ratio का इस्तेमाल यह तय करने के लिए किया जाता है कि किसी plot पर कुल कितने floor area का निर्माण किया जा सकता है।
उदाहरण के लिए, अगर किसी plot का area 500 वर्ग मीटर है और base FAR 0.50 है, तो base FAR के हिसाब से कुल floor area 250 वर्ग मीटर होगा।
Maximum FAR 1.25 होने पर यह कुल floor area 625 वर्ग मीटर तक जा सकता है, subject to लागू नियमों और अन्य permissions।
इसलिए Master Plan में FAR का नियम property owners और builders दोनों के लिए महत्वपूर्ण होता है।
Premium FAR की भी व्यवस्था
Draft में base FAR और maximum FAR के बीच के FAR को premium FAR के जरिए प्राप्त करने का प्रावधान दिया गया है।
Corrigendum के अनुसार इस व्यवस्था में आधे FAR को TDR के जरिए खरीदना अनिवार्य नहीं होगा। हालांकि building permission के समय स्थानीय निकाय द्वारा shelter fee, development fee और अन्य लागू charges जमा करने की आवश्यकता हो सकती है।
जमीन पर मकान बनाने वालों के लिए जरूरी बात
Own housing के मामले में केवल plot size देखना पर्याप्त नहीं होगा। Draft के अनुसार access road की चौड़ाई, building height, land coverage और दूसरे development regulations भी लागू होंगे।
इसके अलावा building permission से पहले संबंधित local authority से यह certificate भी लेना होगा कि जमीन illegal colony का हिस्सा नहीं है।
इसलिए किसी property owner को केवल FAR देखकर construction plan नहीं बनाना चाहिए। वास्तविक construction permission के लिए लागू सभी नियमों को देखना जरूरी होगा।
Commercial Mixed Use Centre में भी सुधार
दूसरे corrigendum में Commercial Mixed Use Centre (CMU) से जुड़े provisions को सुधारा गया है।
Master Plan 2047 में mixed land use को शहर के भविष्य के development का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। इसका उद्देश्य कुछ निर्धारित क्षेत्रों में residential के साथ commercial और दूसरी compatible activities के लिए planning framework तैयार करना है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि शहर के हर residential area में अपने आप commercial activity की अनुमति मिल जाएगी। जमीन का actual land-use और लागू development regulations देखना जरूरी होगा।
Bhopal Master Plan में Green TDR क्यों महत्वपूर्ण है?
Bhopal Development Plan 2047 में शहर के green areas, Bhojtal और उसके catchment area, forests, hills और water bodies के संरक्षण पर भी जोर दिया गया है।
Draft में green area को पुराने plan के मुकाबले बढ़ाकर करीब 27 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
ऐसे में Green TDR जैसी व्यवस्था उन properties और development areas के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है जहां environmental protection और development rights के बीच संतुलन बनाना जरूरी है।
क्या नया Master Plan अभी Final है?
यह सबसे महत्वपूर्ण बात है।
Bhopal Development Plan 2047 अभी draft है। इसे जारी करने के बाद इसमें public objections और suggestions की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। Supreme Court ने draft को आगे बढ़ाने की अनुमति दी है, लेकिन implementation से जुड़े कदमों पर न्यायालय की अनुमति की शर्त भी जुड़ी हुई है।
इसलिए अभी किसी property के future land-use, construction rights या commercial permission को केवल draft देखकर final नहीं माना जाना चाहिए।
Property Owners के लिए क्या समझना जरूरी है?
Bhopal Master Plan 2047 में आने वाले बदलावों को लेकर property owners के लिए कुछ बातें खास हैं:
- Draft और final plan को अलग-अलग समझें।
- अपने plot का proposed land-use देखें।
- Road width और access road की जानकारी देखें।
- FAR और building height के नियम देखें।
- Green zone या protected area में property आने पर Green TDR provisions समझें।
- Construction से पहले local authority के applicable rules की जांच करें।
- केवल social media या unofficial maps के आधार पर property decision न लें।
Bhopal Master Plan 2047 में अभी आगे क्या होगा?
Draft जारी होने के बाद public feedback और statutory process आगे बढ़ेगा। इस दौरान लोगों की आपत्तियों और सुझावों के आधार पर plan में बदलाव भी हो सकते हैं।
27 सितंबर 2026 को जारी corrigendum यह भी दिखाता है कि draft publication के बाद technical और regulatory provisions की समीक्षा अभी जारी है।
इसलिए Bhopal के property owners, builders और residents के लिए आने वाले दिनों में final notifications और official updates देखना ज्यादा जरूरी होगा।
निष्कर्ष
Bhopal Master Plan 2047 में Green TDR और mixed-use development जैसे नए provisions के साथ शहर के future development का नया framework तैयार किया जा रहा है। लेकिन अभी यह draft stage में है और इसमें correction की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
Own housing के लिए 0.50 base FAR और 1.25 maximum FAR वाला provision corrigendum के बाद भी बरकरार है। आगे final plan और official implementation rules आने के बाद ही यह साफ होगा कि अलग-अलग क्षेत्रों में इन नियमों का वास्तविक असर क्या होगा।

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