भोपाल: भोपाल मेट्रो में सफर करने का अनुभव शहर के करीब 75 दिव्यांग बच्चों के लिए खास रहा। ‘Celebration on Wheels’ पहल के तहत बच्चों को मेट्रो की यात्रा कराई गई, ताकि वे मेट्रो की सुविधाओं को करीब से समझ सकें और सार्वजनिक परिवहन में उनके लिए उपलब्ध सुविधाओं का अनुभव ले सकें।
इस विशेष यात्रा में करीब 100 लोग शामिल हुए। इनमें लगभग 75 बच्चे ऐसे थे, जिन्हें अलग-अलग प्रकार की दिव्यांगता है। इस कार्यक्रम का आयोजन मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने Cerebral Palsy Association of India (CPAI), Bhopal के सहयोग से किया।
Subhash Nagar से AIIMS तक हुई मेट्रो यात्रा
विशेष मेट्रो यात्रा Subhash Nagar Metro Station से शुरू हुई। यहां से बच्चे AIIMS Bhopal Metro Station तक गए और फिर वापस Subhash Nagar लौटे।
बच्चों ने इस दौरान मेट्रो स्टेशन, ट्रेन और यात्रियों के लिए उपलब्ध अलग-अलग सुविधाओं को करीब से देखा। स्टाफ और सहयोगियों ने बच्चों के साथ पूरी यात्रा में सहायता की।
दिव्यांग यात्रियों के लिए मेट्रो में क्या सुविधाएं हैं?
भोपाल मेट्रो में दिव्यांग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें शामिल हैं:
- मेट्रो ट्रेन में व्हीलचेयर के लिए निर्धारित जगह
- आपात स्थिति में Emergency Communication Button
- स्टेशनों पर Accessible Restrooms
- दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए Tactile Path
- लिफ्ट में Braille-enabled Buttons
- स्टेशन और ट्रेन के अंदर Passenger Information Announcements
इन सुविधाओं का उद्देश्य अलग-अलग जरूरत वाले यात्रियों के लिए मेट्रो यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाना है।
बच्चों को मेट्रो सुविधाओं से कराया गया परिचित
‘Celebration on Wheels’ का उद्देश्य केवल मेट्रो की सवारी कराना नहीं था। इसके जरिए दिव्यांग बच्चों को यह समझने का मौका भी मिला कि मेट्रो में यात्रा करते समय उनके लिए किस तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
MPMRCL की ओर से यात्रियों को इन सुविधाओं के बारे में जागरूक करने के लिए awareness activities भी की जा रही हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्री इनका सही इस्तेमाल कर सकें।
Bhopal Metro में Accessibility क्यों जरूरी है?
शहर में मेट्रो जैसी public transport service बढ़ने के साथ यह जरूरी है कि इसका इस्तेमाल अलग-अलग जरूरत वाले लोग भी आसानी से कर सकें।
Wheelchair space, tactile paths, Braille buttons और emergency communication जैसी सुविधाएं इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। खासकर पहली बार मेट्रो में यात्रा करने वाले दिव्यांग यात्रियों के लिए ऐसी awareness activities उपयोगी हो सकती हैं।
भोपाल मेट्रो यात्रा का अलग अनुभव
‘Celebration on Wheels’ के दौरान बच्चों ने मेट्रो स्टेशन और ट्रेन की सुविधाओं को देखा और यात्रा का अनुभव लिया। यह कार्यक्रम इस बात पर भी ध्यान खींचता है कि public transport को केवल तेज और सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ उसे ज्यादा accessible बनाना भी जरूरी है।
भोपाल में मेट्रो सेवा के विस्तार के साथ आने वाले समय में accessibility से जुड़ी सुविधाओं और उनके इस्तेमाल के बारे में जागरूकता यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।

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